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Aniket Kumar Gupta {Bhaarat} Kanpur

Aniket Kumar

About Me

~*~ अनिकेत कुमार ~*~
A very simple person, living in the two worlds````` in this world and````` in his world ``` the eternal world ``` the world having peace ``` the world having feelings ``` sentiments```` emotions the world having love faith trust``````the world which is an imagination ``` but not the illusion````` the world which may be a dream ```but not the hypothesis``````````

~*~ My Blog ~*~

1 . ख़ामोश कहां हम रहते हैं। 2 . उसके पास शब्द थें, 3 . आदतें ग़र बुरी लगें हमारी, 4 . बहाने बहुत थें 5 . आज भी ये दिल``` 6 . ख़ामोशी महज़ ख़ामोशी नहीं , 7 . काश कोई एक लम्हा होता 8 . जी रहां हूं अकेले, 9 . हम भी अच्छे हो गए 10 . एक अतीत 11 . कभी जो तुम पास हमारें थें` 12 . ख़ामोश नहीं रहतीं आँखें``आंखें भी बहुत कुछ कह जातीं हैं``` 13 . बन परवाना शमा की ओर जलने ना जाऊंगा```` 14 . यूँ ना देखो दर्पण को``` 15 . हम तो करेंगें इन्तज़ार 16 . कहने को तो बहुत कुछ है 17 . जी रहा था तब तक 18 . कुछ सवाल 19 . ख़ुश था तब तक. 20 . फिर चला हुं वीराने में 21 . गुमनामी ही हमारी पहचान हैं 22 . मौन पर मैं रहता हूं.. 23 . ना था छोटा तब तक 24 . बहुत ही गहरा एक राज़ हूं मैं... 25 . वो अनिकेत कहां हम है। 26 . बहुत से मिले हुनर, 27 . ख्वाबों में ही जी लेता हूं ... 28 . मयस्सर जो होती 29 . पर मैं ना बदला 30 . जागती आंखों से देखें जो सपने, 31 . गुमनामी 32 . दूर उन यादो से हूँ मगर 33 . एक बार मोहब्बत कर बैठें थें 34 . फिर एक शाम ढली`````` फिर तेरी याद आयी 35 . कभी जो तुमसे नज़रे मिली 36 . दिल में उठता है दर्द``` आतीं हैं जब यादें बेदर्द``` 37 . हमने तुमको चाहा कितना ये तुम क्या जान पाओगें 38 . जब साथ चले तो लगा साथ है निभाना 39 . जिन्होंने दिया हैं ज़ख़्म ला कर के वही दें मरहम``` 40 . ज़िन्दगी किस मोड़ से गुजरी 41 . मान के दुनिया तूझे 42 . कोई तो आस पास रहता है 43 . अनगिनत इच्छाएं मन की 44 . उठो चलो हमें चलना है 45 . इतनी जल्दी भी क्या है 46 . फिर चला हूं , अतीत में मैं, 47 . इन राहों से तुम भी हो अनजान 48 . कभी कुछ था देखा तुममें 49 . भविष्य बनाने की ख्वाहिश थी 50 . दिन वो फिर आएंगे 51 . मुट्ठी में बंद किया था वक़्त को, 52 . वक़्त और मोड़ All posts